Essay On Nari Shiksha Ka Mahatva In Hindi

हम सभी अपने बच्चों को सफलता की ओर जाते हुए देखना चाहते हैं, जो केवल अच्छी और उचित शिक्षा के माध्यम से ही संभव है। सभी अभिभावक अपने बच्चों को बचपन से ही जीवन में शिक्षा के महत्व और शिक्षा के लाभों के बारे में बताते हैं, ताकि वे उनका ध्यान भविष्य में बेहतर शिक्षा की ओर कर सकें। अपने बच्चों और छात्रों को स्कूल या कॉलेज में निबंध लेखन, पैराग्राफ लेखन, वाद-विवाद में भागीदारी आदि गुणों को बढ़ावा देने के लिए, इस तरह के सरल निबंधों का प्रयोग कर सकते हैं। हम यहाँ सभी अभिभावकों के लिए उनके बच्चों का बेहतर भविष्य निर्माण करने के लिए शिक्षा के महत्व पर आसान निबंध उपलब्ध करा रहे हैं।ये सभी शिक्षा के महत्व पर निबंध, विशेषरुप से विद्यार्थियों के लिए सरल शब्दों में लिखे गए हैं और विभिन्न शब्द सीमाओं में दिए गए हैं। आप इनमें से किसी भी निबंध को अपनी कक्षा की जरुरत और आवश्यकता के अनुसार चुन सकते हैं:

शिक्षा के महत्व पर निबंध (इम्पोर्टेन्स ऑफ़ एजुकेशन एस्से)

Find here essay on importance of education in Hindi language in different words limit like 100, 150, 200, 250, 350, and 450 words.

शिक्षा का महत्व पर निबंध 1 (100 शब्द)

बेहतर शिक्षा सभी के लिए जीवन में आगे बढ़ने और सफलता प्राप्त करने के लिए बहुत आवश्यक है। यह आत्मविश्वास विकसित करती है और एक व्यक्ति के व्यक्तित्व के निर्माण में मदद करती है। स्कूली शिक्षा सभी के जीवन में महान भूमिका निभाती है। पूरे शिक्षा तंत्र को तीन भागों में बाँटा गया है जैसे; प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और उच्च माध्यमिक शिक्षा। सभी शिक्षा के भाग अपना एक विशेष महत्व और लाभ रखते हैं। प्राथमिक शिक्षा विद्यार्थियों को आधार प्रदान करती है, जो जीवनभर मदद करती है, माध्यमिक शिक्षा आगे की पढ़ाई का रास्ता है और उच्च माध्यमिक शिक्षा पूरे जीवन में, भविष्य में आगे बढ़ने का रास्ता है। हमारी अच्छी और बुरी शिक्षा यह निर्धारित करती है कि हम भविष्य में किस प्रकार के व्यक्ति बनेगें।

शिक्षा का महत्व पर निबंध 2 (150 शब्द)

इस प्रतियोगी संसार में, सभी के लिए शिक्षा प्राप्त करना बहुत आवश्यक है। उच्च शिक्षा का महत्व नौकरी और अच्छा पद प्राप्त करने के लिए बहुत अधिक बढ़ गया है। उचित शिक्षा भविष्य में आगे बढ़ने के लिए बहुत से रास्तों का निर्माण करती है। यह हमारे ज्ञान के स्तर, तकनीकी कौशल और नौकरी में उच्च पद को प्राप्त करने के द्वारा हमें सामाजिक, मानसिक और बौद्धिक रुप से मजबूत बनाती है। हरेक बच्चा अपने जीवन में कुछ अलग करने का सपना रखता है। कभी-कभी कुछ माता-पिता भी अपने बच्चे को बड़ा होकर डॉक्टर, आई.ए.एस. अधिकारी, पी.सी.एस. अधिकारी, इंजीनियर या अन्य उच्च पदों पर देखना चाहते हैं। सभी सपनों को सच करने का केवल एक ही रास्ता है, अच्छी शिक्षा।

वो विद्यार्थी जो अन्य क्षेत्रों में दिलचस्पी रखते हैं जैसे; खेल, स्पोर्ट्स, नृत्य, संगीत आदि को डिग्री, ज्ञान कौशलऔर आत्मविश्वास, प्राप्त करने के लिएअपनी शिक्षा के साथ जारी रखते हैं। शिक्षा के राज्यों के अनुसार बहुत से बोर्ड (प्राधिकरण) भी हैं जैसे; यू.पी. बोर्ड, बिहार बोर्ड, आई.सी.एस.ई. बोर्ड, सी.बी.एस.ई. बोर्ड आदि। शिक्षा बहुत अच्छा यंत्र है जो हम सभी को पूरे जीवनभर लाभान्वित करता है।

शिक्षा का महत्व पर निबंध 3 (200 शब्द)

जीवन में सफलता प्राप्त करने और कुछ अलग करने के लिएशिक्षा सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण उपकरण है। यह जीवन के कठिन समय में चुनौतियों से सामना करने का पाढ़ सिखाने में बहुत मदद करती है। पूरी शिक्षण प्रक्रिया के दौरान प्राप्त किया गया ज्ञान हम सभी और प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन के प्रति आत्मनिर्भर बनाता है। यह जीवन में बेहतर संभावनाओं को प्राप्त करने के अवसरों के लिए विभिन्न दरवाजे खोलती है जिससे कैरियर के विकास को बढ़ावा मिले। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा बहुत से जागरुकता अभियान चलाए जा रहे हैं। यह समाज में सभी व्यक्तियों में समानता की भावना लाती है और देश के विकास और वृद्धि को भी बढ़ावा देती है।

आधुनिक तकनीकी संसार में शिक्षा मुख्य भूमिका को निभाती है। आजकल, शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए बहुत तरीके हैं। शिक्षा का पूरा तंत्र अब बदल दिया गया है। हम अब 12वीं कक्षा के बाद दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम (डिस्टेंस एजूकेशन) के माध्यम से भी नौकरी के साथ ही पढ़ाई भी कर सकते हैं। शिक्षा बहुत महंगी नहीं है, कोई भी कम धन होने के बाद भी अपनीपढ़ाई जारी रख सकता है। दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से हम आसानीसे किसी भी बड़े और प्रसिद्ध विश्वविद्यालय में बहुत कम शुल्क पर प्रवेश ले सकते हैं। अन्य छोटे संस्थान भी किसी विशेष क्षेत्र में कौशल को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।


 

शिक्षा का महत्व पर शिक्षा 4 (250 शब्द)

शिक्षा स्त्री और पुरुषोंदोनों के लिए समान रुप से आवश्यक है, क्योंकि दोनों ही मिलकर स्वस्थ्य और शिक्षित समाज का निर्माण करते हैं। यह उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक यंत्र होने के साथ ही देश के विकास और प्रगति में भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस तरह, उपयुक्त शिक्षा दोनों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती है। वो केवल शिक्षित नेता ही होते हैं, जो एक राष्ट्र का निर्माण करके, इसे सफलता और प्रगति के रास्ते की ओर ले जाते हैं। शिक्षा जहाँ तक संभव होता है उस सीमा तक लोगों बेहतर और सज्जन बनाती है।

अच्छी शिक्षा जीवन में बहुत से उद्देश्यों को प्रदान करती है जैसे; व्यक्तिगत उन्नति को बढ़ावा, सामाजिक स्तर में बढ़ावा, सामाजिक स्वास्थ में सुधार, आर्थिक प्रगति, राष्ट्र की सफलता, जीवन में लक्ष्यों को निर्धारित करना, हमें सामाजिक मुद्दों के बारे में जागरुक करना और पर्यावरणीय समस्याओं को सुलझाने के लिए हल प्रदान करना और अन्य सामाजिक मुद्दें आदि। दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के प्रयोग के कारण, आजकल शिक्षा प्रणाली बहुत साधारण और आसान हो गयी है। आधुनिक शिक्षा प्रणाली,अशिक्षा और समानता के मुद्दें को विभिन्न जाति, धर्म व जनजाति के बीच से पूरी तरह से हटाने में सक्षम है।

शिक्षा लोगों के मस्तिष्क को बड़े स्तर पर विकसित करती है और समाज में लोगों के बीच सभी भेदभावों को हटाने में मदद करती है। यह हमें अच्छा अध्ययन कर्ता बनने में मदद करती है और जीवन के हर पहलु को समझने के लिए सूझ-बूझ को विकसित करती है। यह सभी मानव अधिकारों, सामाजिक अधिकारों, देश के प्रति कर्तव्यों और दायित्वों को समझने में मदद करती है।

शिक्षा का महत्व पर निबंध 5 (350 शब्द)

शिक्षा हम सभी के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक उपकरण है।हम जीवन में शिक्षा के इस उपकरण का प्रयोग करके कुछ भी अच्छा प्राप्त कर सकते हैं। शिक्षा का उच्च स्तर लोगों को सामाजिक और पारिवारिक आदर और एक अलग पहचान बनाने में मदद करता है। शिक्षा का समय सभी के लिए सामाजिक और व्यक्तिगत रुप से बहुत महत्वपूर्ण समय होता है। यह एक व्यक्ति को जीवन में एक अलग स्तर और अच्छाई की भावना को विकसितकरती है। शिक्षा किसी भी बड़ी पारिवारिक, सामाजिक और यहाँ तक कि राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय समस्याओं को भी हर करने की क्षमता प्रदान करती है। हम से कोई भी जीवन के हरेक पहलु में शिक्षा के महत्व को अनेदेखा नहीं कर सकता। यह मस्तिष्क को सकारात्मकता ओर मोड़ती है और सभी मानसिक और नकारात्मक विचारधाराओं को हटाती है।

यह लोगों की सोच को सकारात्मक विचार लाकर बदलती है और नकारात्मक विचारों को हटाती है। बचपन में ही हमारे माता-पिता हमारे मस्तिष्क को शिक्षा की ओर ले जाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे हमें प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्था से अच्छी शिक्षा प्रदान करने में अपने सबसे अच्छे प्रयासों को करते हैं। यह हमें तकनीकी और उच्च कौशल वाले ज्ञान के साथ ही पूरे संसार में हमारे विचारों को विकसित करने की क्षमता प्रदान करती है। अपने कौशल और ज्ञान को बढ़ाने का सबसे अच्छे तरीके अखबारों को पढ़ना, टीवी पर ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों को देखना, अच्छे लेखकों की किताबें पढ़ना आदि हैं। शिक्षा हमें अधिक सभ्य और बेहतर शिक्षित बनाती है। यह समाज में बेहतर पद और नौकरी में कल्पना की गए पद को प्राप्त करने में हमारी मदद करती है।

यह हमें जीवन में एक अच्छा चिकित्सक, अभियंता (इंजीनियर), पायलट, शिक्षक आदि, जो भी हम बनना चाहते हैं वो बनने के योग्य बनाती है। नियमित और उचित शिक्षा हमें जीवन में लक्ष्य को बनाने के द्वारा सफलता की ओर ले जाती है। पहले शिक्षा प्रणाली बहुत कठिन थी। सभी जातियाँ अपनी इच्छा के अनुसार शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकती थी। अधिक शुल्क होने के कारण प्रतिष्ठित कॉलेज में प्रवेश लेना बहुत मुश्किल है। लेकिन अब, दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से शिक्षा प्राप्त करके आगे बढ़ना बहुत ही आसान और सरल बन गया है।


 

शिक्षा का महत्व पर निबंध 6 (400 शब्द)

घर शिक्षा प्राप्त करने पहला स्थान है और सभी के जीवन में अभिभावक पहले शिक्षक होते हैं। हम अपने बचपन में, शिक्षा का पहला पाठ अपने घर विशेषरुप से माँ से से प्राप्त करते हैं। हमारे माता-पिता जीवन में शिक्षा के महत्व को बताते हैं। जब हम 3 या 4 साल के हो जाते हैं, तो हम स्कूल में उपयुक्त, नियमित और क्रमबद्ध पढ़ाई के लिए भेजे जाते हैं, जहाँ हमें बहुत सी परीक्षाएं देनी पड़ती है, तब हमें एक कक्षा उत्तीर्ण करने का प्रमाण मिलता है। एक-एक कक्षा को उत्तीर्ण करते हुए हम धीरे-धीरे आगे बढ़ते हैं, जब तक कि, हम 12वीं कक्षा को पास नहीं कर लेते। इसके बाद, तकनीकी या पेशेवर डिग्री की प्राप्ति के लिए तैयारी शुरु कर देते हैं, जिसे उच्च शिक्षा भी कहा जाता है। उच्च शिक्षा सभी के लिए अच्छी और तकनीकी नौकरी प्राप्त करने के लिए बहुत आवश्यक है।

हम अपने अभिभावकों और शिक्षक के प्रयासों के द्वारा अपने जीवन में अच्छे शिक्षित व्यक्ति बनते हैं। वे वास्तव में हमारे शुभचितंक हैं, जिन्होंने हमारे जीवन को सफलता की ओर ले जाने में मदद की। आजकल, शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए बहुत सी सरकारी योजनाएं चलायी जा रही हैं ताकि, सभी की उपयुक्त शिक्षा तक पहुँच संभव हो। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को शिक्षा के महत्व और लाभों को दिखाने के लिए टीवी और अखबारों में बहुत से विज्ञापनों को दिखाया जाता है क्योंकि पिछड़े ग्रामीण क्षेत्रों में लोग गरीबी और शिक्षा की ओर अधूरी जानकारी के कारण पढ़ाई करना नहीं चाहते हैं।

पहले, शिक्षा प्रणाली बहुत ही महंगी और कठिन थी, गरीब लोग 12वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम नहीं थे। समाज में लोगों के बीच बहुत अन्तर और असमानता थी। उच्च जाति के लोग, अच्छे से शिक्षा प्राप्त करते थे और निम्न जाति के लोगों को स्कूल या कॉलेज में शिक्षा प्राप्त करने की अनुमति नहीं थी। यद्यपि, अब शिक्षा की पूरी प्रक्रिया और विषय में बड़े स्तर पर परिवर्तन किए गए हैं। भारतीय सरकार के द्वारा सभी के लिए शिक्षा प्रणाली को सुगम और कम महंगी करने के लिए बहुत से नियम और कानून बनाकर लागू किया है। सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण, दूरस्थ शिक्षा प्रणाली ने उच्च शिक्षा को सस्ता और सुगम बनाया है, ताकि पिछड़े क्षेत्रों, गरीबों और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए भविष्य में समान शिक्षा और सफलता प्राप्त करने के अवसर मिलें। भलीभाँति शिक्षित व्यक्ति देश के मजबूत आधार स्तम्भ होते हैं और भविष्य में इसको आगे ले जाने में नेतृत्व करते हैं। इस तरह, शिक्षा वो उपकरण है, जो जीवन, समाज और राष्ट्र में सभी असंभव स्थितियों को संभव बनाती है।


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शिक्षा पर निबंध

आजकल भारत में महिलाओं की शिक्षा एक बहुत ही चर्चित विषय है जो विद्यार्थियों को अक्सर अपने स्कूल में अनुच्छेद लिखने या निबंध लिखने के लिए मिल जाता है। हमने यहाँ पर स्कूली विद्यार्थियों के लिए अलग अलग शब्द सीमा में कुछ निबंध उपलब्ध करवाए है जो उन्हें अपनी निबंध लेखन प्रतियोगिता में सहायता कर सकते है। अपनी जरुरत के अनुसार आप इनमें से जिस शब्द सीमा का निबंध चाहे वो चुन सकते है।

भारत में महिला शिक्षा पर निबंध (वीमेन एजुकेशन इन इंडिया एस्से)

Get here some essays on Women Education in India in Hindi language for students in 100, 150, 200, 250, 300, and 400 words.

भारत में महिला शिक्षा पर निबंध 1 (100 शब्द)

किसी भी देश को पूर्ण रूप से विकसित होने के लिए वहां की महिलाओं का शिक्षित होना जरुरी है। यह एक तरह से उस दवाई की भांति है जो मरीज़ को ठीक होने में मदद करती है और उसे फिर से सेहतमंद बनने में मदद करती है। महिला शिक्षा एक बहुत बड़ा मुद्दा है भारत को आर्थिक रूप से तथा सामाजिक रूप से विकसित बनाने में। शिक्षित महिला उस तरह का औज़ार है जो भारतीय समाज पर और अपने परिवार पर अपने हुनर तथा ज्ञान से सकारात्मक प्रभाव डालती है। देश के आर्थिक और सामाजिक विकास के पीछे शिक्षित महिला का अमूल्य योगदान होता है। कई बार ऐसा देखा जाता है कि अनपढ़ महिला का जल्द ही विवाह कर दिया जाता है और वे जल्दी ही बच्चों को जन्म दे देती है। शिक्षित महिला ऐसा कदम सोच समझ कर उठा सकती है जिससे देश की बढती हुई जनसँख्या पर भी रोकथाम लगायी जा सकती है।

भारत में महिला शिक्षा पर निबंध 2 (150 शब्द)

पौराणिक काल के भारत में महिलाओं के लिए शिक्षा का उचित प्रबंध था परन्तु मध्यकालीन युग के आते आते महिलाओं पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी गई थी। हालाँकि अगर हम आज की बात करे तो लोग महिलाओं की शिक्षा को लेकर बहुत जागरूक हो चुके है और यह अच्छी तरह समझते है कि बिना महिलाओं के शिक्षित हुए देश और समाज विकास नहीं कर सकता। यह तथ्य सत्य है की महिला और पुरुष दोनों मिल कर ही देश को हर क्षेत्र में पूर्ण रूप से विकसित कर सकते है।

महिलाओं को भी पुरुषों की तरह शिक्षा संबंधी गतिविधियों में बराबरी का मौका दिया जाना चाहिए। उन्हें शिक्षा से जुडी किसी भी तरह की कार्यवाही से दूर रखना क्रूरता के समान है। हमारे देश की आधी जनसँख्या का प्रतिनिधित्व महिलाएं करती है। अगर महिलाएं अपनी शिक्षा पूरी नहीं कर पायी तो इसका मतलब है की हमारे देश का विकास भी अधूरा है जो देश को पिछड़ेपन की ओर ले जायेगा। महिलाओं के शिक्षित होने से समाज और देश में विकास भी तेज़ी से हो पायेगा। महिलाओं के लिए शिक्षा के महत्व को व्यापक स्तर पर फ़ैलाने के लिए पूरे देश में जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है। एक शिक्षित महिला ही अपने परिवार का तथा देश का विकास कर सकती है।

भारत में महिला शिक्षा पर निबंध 3 (200 शब्द )

महिला शिक्षा की दर कम होने की ही वजह से जनसंख्या के मामले में हमारा देश पूरे विश्व में दूसरे नंबर पर आता है। अगर महिला खुद शिक्षित होगी तो देश का आने वाला भविष्य भी शिक्षित होगा। महिला शिक्षा मध्यकालीन भारत में बहुत बड़ा मुद्दा था हालाँकि आज यह मसला काफी हद तक सुलझ चुका है। भारत में अब महिला शिक्षा को पुरुषों की शिक्षा की ही तरह अहमियत दी जाती है ताकि महिलाएं भी सामाजिक और आर्थिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला सकें। पुराने ज़माने में महिलाओं को घर से बाहर निकलने की इजाज़त नहीं थी। शिक्षा के नाम पर वे सिर्फ घरेलू कामकाज़ो तक ही सीमित थी।

राजा राममोहन राय और ईश्वरचंद्र विद्यासागर कुछ ऐसे समाज सुधारक थे जिन्होंने ब्रिटिश राज के दौरान महिलाओं के विकास के लिए काफी सराहनीय कार्य किया था। महिला तथा पुरुष दोनों मिल कर देश की आधी आधी जनसँख्या का प्रतिनिधित्व करते है। वे एक सिक्के के दो पहलू के समान है तो इस हिसाब से महिला तथा पुरुष दोनों ही देश के विकास में बराबरी के हक़दार है। महिलाओं के बिना समाज की कल्पना नहीं की जा सकती क्योंकि आने वाले वंश की जन्मदाता वे ही है। अगर महिलाएं अच्छी तरह से शिक्षित होंगी तो ही वे भविष्य में जन्मलेने वाली पीढ़ी को शिक्षा दे पाएंगी जिससे समाज और देश प्रगति कर पाएगा।


 

भारत में महिला शिक्षा पर निबंध 4 (250 शब्द)

प्रस्तावना:

भारतीय समाज के सही आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए नारी शिक्षा बेहद ज़रूरी है। महिला एवं पुरुष दोनों ही एक सिक्के के दो पहलू हैं। जिस तरह से साइकिल का संतुलन दोनों पहियों पर निर्भर होता है उसी तरीके से समाज का विकास भी पुरुष और महिला के कन्धों पर आश्रित है। दोनों ही देश को नई ऊँचाईयों तक ले जाने की क्षमता रखते हैं इसलिए दोनों को ही बराबर की शिक्षा का हक़ मिलना जरुरी है। अगर इन दोनों में से किसी भी एक की शिक्षा का स्तर गिरा तो समाज की प्रगति होना नामुमकिन है।

भारत में महिला सुरक्षा के लाभ:

भारत की उन्नति के लिए महिलाओं का शिक्षित होना बहुत जरुरी है क्योंकि अपने बच्चों की पहली शिक्षक माँ ही होती है जो उन्हें जीवन की अच्छाईयों और बुराइयों से अवगत कराती है। अगर नारी शिक्षा को नजरंदाज़ किया गया तो देश के भविष्य के लिए यह किसी खतरे से कम नहीं होगा। एक अनपढ़ महिला में वो काबिलियत नहीं होती जिससे वह अपने परिवार, बच्चों का सही ख्याल रख सके। इस कारण आने वाली पीढ़ी कमज़ोर हो जाएगी। हम महिला साक्षरता के सारे लाभ की गिनती तो नहीं कर सकते पर इतना जरुर कह सकते है की एक शिक्षित महिला अपने परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी को अच्छे से निभा सकती है, उन्हें अच्छे बुरे का ज्ञान दे सकती है, सामाजिक तथा आर्थिक कार्य करके देश की प्रगति में अपना योगदान दे सकती है।

एक पुरुष को शिक्षित करके हम सिर्फ एक ही व्यक्ति तक शिक्षा पहुँचा पाएंगे पर एक महिला को शिक्षित करके हम पूरे देश तक शिक्षा को पहुँचा पाएंगे। महिला साक्षरता की कमी देश को कमज़ोर बनाती है। इसलिए यह बहुत जरुरी है कि महिलाओं को उनकी शिक्षा का हक़ दिया जाए और उन्हें किसी भी तरह से पुरुषों से कम न समझा जाए।

निष्कर्ष:

आज के समय में भारत महिला साक्षरता के मामले में लगातार प्रगति कर रहा है। हिंदुस्तान के इतिहास में भी बहादुर महिलाओं जिक्र किया गया है। मीराबाई, दुर्गावती, अहिल्याबाई, लक्ष्मीबाई जैसी कुछ मशहूर महिलाओं के साथ-साथ वेदों के समय की महिला दर्शनशास्त्री गार्गी, विस्वबरा, मैत्रयी आदि का भी उदाहरण इतिहास का पन्नो में दर्ज है। ये सब महिलाएं प्रेरणा का स्रोत थी। समाज और देश के लिए दिए गये उनके योगदान को हम कभी नहीं भूल सकते।

भारत में महिला शिक्षा पर निबंध 5 (300 शब्द)

भारत में महिला साक्षरता नए ज़माने की अहम जरुरत है। महिलाओं के शिक्षित हुए बिना हम देश के उज्जवल भविष्य की कल्पना भी नहीं कर सकते। परिवार, समाज और देश की उन्नति में महिलाओं की भूमिका  बहुत महत्वपूर्ण है। भारत के लोकतंत्र को सफल बनाने का एकमात्र रास्ता यहीं है की महिलाओं तथा पुरुषों को शिक्षा हासिल करने के लिए बराबरी का हक़ दिया जाए। शिक्षित महिलाएं ही देश, समाज और परिवार में खुशहाली ला सकती है। यह कथन बिलकुल सत्य है की एक आदमी सिर्फ एक व्यक्ति को ही शिक्षित कर सकता पर एक महिला पूरे समाज को शिक्षित कर सकती है जिससे पूरे देश को शिक्षित किया जा सकता है।

आज महिला शिक्षा के महत्व को पहचानना बहुत आवश्यक है क्योंकि वे अपने बच्चो की पहली शिक्षक है जो आगे जाकर देश के निर्माण को एक नई पहचान देंगे। किसी भी बच्चे का भविष्य उसकी माँ द्वारा दिए प्यार और परवरिश पर निर्भर करता है जो एक महिला ही कर सकती है। हर बच्चा अपनी ज़िन्दगी की पहली सीख अपनी माँ से ही हासिल करता है। इसलिए माँ का शिक्षित होना बेहद जरुरी है जिससे वह अपने बच्चे में वे गुण डाल सके जो उसके जीवन को सही दिशा दे सके। शिक्षित महिलाएं सिर्फ अपने बच्चे ही नहीं बल्कि उनके आसपास और कई लोगों की जिंदगी को बदल सकती है जो देश को विकसित करने में महत्वपूर्ण किरदार अदा कर सकते है।

एक महिला अपने जीवन में माँ, बेटी, बहन, पत्नी जैसे कई रिश्तों को निभाती है। किसी भी रिश्ते में बंधने से पहले वह महिला देश की आजाद नागरिक है तथा वह उन सब अधिकारों की हक़दार है जो पुरुषों को मिले हुए हैं। उन्हें अपनी इच्छा अनुसार शिक्षा ग्रहण करने का हक़ है जिससे वे अपने मनपसंद क्षेत्र में कार्य कर सके। महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने तथा आत्मनिर्भर बनाने में शिक्षा सहायता करती है। शिक्षा न सिर्फ महिलाओं का समाज में स्तर ऊँचा करती है बल्कि महिलाओं के प्रति समाज की उस संकीर्ण सोच, जिसमे उन्हें माँ-बाप पर बोझ की तरह देखा जाता था, को भी खत्म करती है।

शिक्षा महिलाओं को पुरुषों की भांति समाज और देश को प्रगति के पथ पर ले जाने के कर्तव्य से भी अवगत कराती है।


 

भारत में महिला शिक्षा पर निबंध 6 (400 शब्द)

पौराणिक युग से लेकर आजादी के बाद के समय तक महिला साक्षरता को लेकर किये गये प्रयासों में बहुत प्रगति हुई है। हालाँकि अभी यह कार्य संतुष्टि के स्तर तक नहीं पहुँचा है। अभी भी इस दिशा में काफी काम करना बाकी है। भारत के विश्व में बाकी देशों से पिछड़ने के पीछे महिला साक्षरता की कमी का ही होना है। भारत में महिला साक्षरता को लेकर गंभीरता इसलिए कम है क्योंकि बहुत पहले समाज में महिलाओं पर तरह-तरह की पाबंदियां थोप दी गई थी। इन पाबंदियों का जल्द ही हटाना बेहद जरुरी है। इन प्रतिबंधों को हटाने के लिए हमें महिला शिक्षा को लेकर व्यापक स्तर पर जागरूकता फैलानी होगी और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति प्रेरित करना होगा जिससे वे आगे आकर समाज और देश को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सके।

महिला शिक्षा की बेहतरी के लिए निम्नलिखित योजनायें भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही है:

  • सर्व शिक्षा अभियान
  • इंदिरा महिला योजना
  • बालिका समृधि योजना
  • राष्ट्रीय महिला कोष
  • महिला समृधि योजना
  • रोज़गार तथा आमदनी हेतु प्रशिक्षण केंद्र
  • महिलाओं तथा लड़कियों की प्रगति के लिए विभिन्न कार्यक्रम

भारत में महिला शिक्षा को प्रभावित करने वाले निम्नलिखित कारण है:

  • कुपोषण तथा भरपेट खाना न मिलना
  • नाबालिग उम्र में यौन उत्पीड़न
  • माता–पिता की ख़राब आर्थिक स्थिति
  • कई तरह की सामाजिक पाबंदी
  • घर में माता-पिता या सास-ससुर का कहना मानने का दबाव
  • ऊँची शिक्षा हासिल करने की अनुमति ना होना
  • बचपन में संक्रमण रोग से लड़ने की प्रयाप्त शक्ति की कमी

सर्व शिक्षा अभियान क्या है

सर्व शिक्षा अभियान एक राष्ट्रीय योजना है जिसे भारत सरकार द्वारा चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य 8 साल तक 6 से 14 वर्ष के बच्चों को उत्तम शिक्षा देने का है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू की गयी इस योजना का मुख्य लक्ष्य है:

  • 2002 तक देश के सभी जिलो में शिक्षा को पहुँचाना।
  • 2003 तक सभी बच्चों का स्कूल में दाखिला करवाना।
  • 2007 तक सभी बच्चों की न्यूनतम 5 साल की शिक्षा अनिवार्य करना।
  • 2010 तक सभी बच्चें अपनी 8 साल की शिक्षा पूरी कर चुके हो इसको सुनिश्चित करना।

निष्कर्ष

शहरी तथा ग्रामीण इलाकों में महिला शिक्षा का स्तर काफी बढ़ा है। हालाँकि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अलग से विशेष योजनायें चलाई गयी है। गावों में महिलाओं को शिक्षित करने के साथ–साथ उनके लिए रोज़गार संबंधी अवसर भी बढ़ाये जाने चाहिए जिससे वे अच्छी आमदनी अर्जित कर अपने परिवार का सही गुज़ारा कर सके।

 

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